समय चुराएं
समय चुराएं

🍁 समय चुराएं 🍁

आओ …

समय से कुछ समय चुराएं

शुन्य के सागर में गुम हो जाएं

🌸

बीती बातों का हिसाब करें

आने वाले पलों का इंतज़ार करें

भूली यादों को याद करें

बीती चाहतों को ताज़ा करें

🌸

कुछ बातें इधर की हों

कुछ बातें उधर की हों

इधर – उधर की बातों में

कुछ संवाद हमारे हों

🌸

इशारों – इशारों में

आंखों से गुस्ताखियां

बेहिसाब हों

धड़कनों में रवानियां

बेमिसाल हों

🌸

फिर उस चांद को निहारें

जिसे वक़्त के सेहरा में भूले

फिर एक बार तारों को गिनें

और टूटते तारे से कुछ मांगें

🌸

मुख्तसर लम्हों में डूबें

सुकून की सांसों में जिएं

और फिर एक दूसरे में

खुद से खुद को तलाशें

🌸

आओ …

समय से कुछ समय चुराएं

शुन्य के सागर में गुम हो जाएं।

🌸

लेखिका: पूनम सिंह

 

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