Home 2021 January

Monthly Archives: January 2021

Deshbhakti Kavita | Hindi Kavita -माँ के लाल

माँ के लाल ( Maan Ke laal )   पुकारती  है  भारती, उठो ना  माँ के लाल अब। नराधमों के काल बन, उठो ना माँ के लाल अब।   जो...

Hindi Poetry -माना तुम अपने हो पर गिरवी कैसे ईमान रख...

माना तुम अपने हो पर गिरवी कैसे ईमान रख दूं ( Mana Tum Apne Ho Par Girvi Kaise Iman Rakh Doon )   माना तुम अपने हो...

Hindi Ghazal | Hindi Romantic Poetry -प्रेम दीवानी!

प्रेम दीवानी! ( Prem Deewani ) ***** छलकती आंखों से वो ख्वाब दिखता है, महबूब मेरा बस लाजवाब दिखता है। पहन लिया है चूड़ी बिंदी पायल झुमका, आ जाए बस...

Urdu Poetry | Ghazal -ख्वाब टूटे कभी तो अरमान का पता...

ख्वाब टूटे कभी तो अरमान का पता चले ( Khawab Tute Kabhi To Armaan Ka Pata Chale )     ख्वाब टूटे कभी तो अरमान का पता चले मुझे...

Hindi Poetry On Life | Hindi Poetry -मित्र

मित्र ( Mitra )   बाद वर्षो के कितने मिले हो मुझे, अब कहो साल कैसा तुम्हारा रहा।   जिन्दगी मे कहो कितने आगे बढे, जिन्दगी खुशनुमा तो तुम्हारा रहा।   मित्र तुम...

Nari jeevan kavita || Hindi Poetry On Life | Hindi Kavita...

नारी जीवन ( Nari Jeevan )   पिता पति के बीच बंटी है, नारी की यह अमिट कथा। एक ने दिया जीवन है उसको, दूजे ने गतिमान किया।   पिता वो शिक्षक...

Romantic Ghazal | Love Ghazal -हर घड़ी मिलता रहे दीदार तेरा

हर घड़ी मिलता रहे दीदार तेरा (Har Ghadi Milata Rahe Didar Tera)     हर घड़ी मिलता रहे दीदार तेरा जिंदगी को चाहिए बस प्यार तेरा   सोचता हूँ मैं तुझे...

Romantic Ghazal -उस गली से रोज़ ही मुझको गुजरना है सदा

उस गली से रोज़ ही मुझको गुजरना है सदा   ( Us Gali Se Roj Hi Mujhako Gujarna Hai Sada )     उस गली से रोज़ ही मुझको...

Deshbhakti Kavita | Kavita On Republic Day -गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस ( Republic Day )   भाल भारत का सजाओ रे, दिवस गणतंत्र का है आयो रे। जनतंत्र का जो ग्रंथ २६.११.१९४९ को हुआ तैयार, अपनाने को जिसे थे...

Romantic Poetry In Hindi | Hindi Kavita -कल्पना

कल्पना (Kalpana )   नमक है पोर पोर में सुन्दर बडी कहानी तेरी। सम्हालोगी कैसे  सूरज  सी गर्म जवानी तेरी।   भँवर बन कर हुंकार डोलता है तेरे तन मन...