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Yearly Archives: 2021

Desh Prem Kavita | है हंसी कितना ये वतन मेरा

है हंसी कितना ये वतन मेरा ( Hai hasi kitna ye watan mera )     है हंसी कितना ये वतन मेरा फ़ूलों से ये खिले चमन मेरा   है ख़्वाहिश...

Vyang | अफसर और सूअर

अफसर और सूअर ( vyang Hindi : Afsar aur suar ) अफसर को सूअर से घिन आती थी । केवल सूअर को सूअर से घिन नहीं...

झोपड़ी में बसते हैं भगवान | Kavita

झोपड़ी में बसते हैं भगवान ( Jhopdi mein baste hain bhagwan )   मेहनत मजदूरी जो करते, सदा चलते सीना तान। अटल रह सच्चाई पर, सबका करे आदर...

श्राद्ध पक्ष | Shradh Paksha Kavita

श्राद्ध पक्ष ( Shradh Paksh )   पुरखों  को  सम्मान  दें,  हैं  उनके ही अंश। तर्पण कर निज भाव से, फले आपका वंश।।   बदला  सारा  ढंग  है,  भूल  गए ...

आह ग़म की रोज़ मिलती खूब है | Sad ghazal

आह ग़म की रोज़ मिलती खूब है  ( Aah gam ki roz milti khoob hai )   आह ग़म की रोज़ मिलती ख़ूब है! आँखें  रहती  रोज़  गीली ...

नई राह | Hindi poem motivational

नई राह ( Nai Rah : Hindi poem motivational )   उत्साह उमंगे जीवन में, जीने की राह दिखाते है। मेहनत लगन मानव की, नित राहें नई बनाते...

जीएसटी पर निबंध | Essay In Hindi

जीएसटी पर निबंध ( Essay In Hindi on GST )   प्रस्तावना ( Preface ) :- GST (Goods and Services Tax - वस्तु एवं सेवा कर) का संक्षिप्त नाम...

मोहब्बत उसे भी थी | Prem Kavita

मोहब्बत उसे भी थी ( Mohabbat use bhi thi )   हां मोहब्बत उसे भी थी, वो प्यार का सागर सारा। उर तरंगे ले हिलोरे, अविरल बहती...

दिल फिदा यूं हुआ देखते देखते | Ghazal

दिल फिदा यूं हुआ देखते देखते ( Dil fida yun hua dekhte dekhte )   दिल फ़िदा यूं हुआ देखते देखते ! बन  गया  आशना  बोलते बोलते   चाहता हूँ...

महल अपनी गाते हैं | Kavita

महल अपनी गाते हैं ( Mahal apni gate hain )   ऊंचे महलों के कंगूरे, आलीशान दमक वाले। रौब जमाते मिल जाते, चकाचौंध चमक वाले।   मेहनतकश लोगों पर भारी,...