Hindi Diwas Poem | मेरा सम्मान – मातृभाषा हिन्दी

मेरा सम्मान - मातृभाषा हिन्दी ( Mera samman - matribhasha Hindi )   कब तक हिंदी मंद रहेगी अग्रेजी से तंग रहेगी कब तक पूजोगे अतिथि को कब तक माँ...

देश का मान बढ़ाती हिंदी | Hindi Par Kavita

देश का मान बढ़ाती हिंदी ( Desh ka maan badhaye Hindi )     गौरव गान सिखाती हिंदी, राष्ट्रप्रेम जगाती हिंदी। राष्ट्र धारा बन बहती, देश का मान बढ़ाती...

पर्यावरण सुरक्षा ही जीवन रक्षा | Paryavaran Kavita

पर्यावरण सुरक्षा ही जीवन रक्षा ( Paryavaran suraksha hi jeevan raksha )   पर्यावरण की रक्षा से जीवन सुरक्षित करना होगा हरियाली के उत्कर्ष से देश हित में...

गणपति वंदना | Ganpati vandana

गणपति वंदना : दुर्मिल-छंद ( Ganpati vandana )   बल बुद्धि विधाता,सुख के दाता, मेरे द्वार पधारो तो। जपता हूं माला,शिव के लाला, बिगड़े काज सवारों तो। मेरी पीर हरो,तुम कृपा...

स्वामी- विवेकानंद | Swami Vivekananda Par kavita

स्वामी- विवेकानंद ( Swami Vivekananda )   भारत यश फैलाने ने जग में, ऐसा पूत सपूत हुआ । 12 जनवरी 1863 में, पैदा एक अवधूत हुआ।   विश्वनाथ दत्ता थे पिता , और...

तलाश | Kavita

तलाश ( Talaash )   हर्षित मन में उठती लहरें, लगता कोई खास है। जन्मो जन्मो का नाता है, जिसकी हमें तलाश है।   खिल उठा विश्वास मन का, जो...

प्रथम पूज्य आराध्य गजानंद | Kavita

प्रथम पूज्य आराध्य गजानंद ( Pratham pujya aradhya gajanand )   बुद्धि विधाता विघ्नहर्ता, मंगल कारी आनंद करो। गजानंद गौरी सुत प्यारे, प्रभु आय भंडार भरो।   प्रथम पूज्य आराध्य...

प्रथम पूज्य आराध्य गजानन | Kavita

प्रथम पूज्य आराध्य गजानन ( Pratham pujy aradhy gajanan )   आओ मिल करते अभिनंदन। देव अग्रज गणपति को वंदन।।   ज्ञान के दाता बुद्धि विधाता, चौड़ा मस्तक हमें सिखाता, दर्शन दो...

मैं हिंदी हूँ | Hindi diwas par kavita

मैं हिंदी हूँ  ( Main Hindi Hoon )   मैं हिंदी हूँ हिंद की जय बोलती हूँ, देश के कण-कण में मेरे प्राण बसे प्रेम-भाईचारे के भाव से सभी के दिलों को...

सृजन का दीप जले दिन रात | Kavita

सृजन का दीप जले दिन रात (  Srijan ka deep jale din raat )   लिखें लेखनी सोच समझ कर,देख नए हालात। विषय सामयिक सृजन का,दीप जले दिन...