गरीब अमीर देश विच पिसते हम !
गरीब अमीर देश विच पिसते हम !

गरीब अमीर देश विच पिसते हम !

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अमीर गरीब की खाई
नहीं मिटने को भाई
जबतक है स्वार्थ
सोचना ही है व्यर्थ।
जनसाधारण की कौन कहे?
देशों का भी यही हाल है
अमीर देश गरीब का काल है।
धौंस दिखा गरीब पर शिकंजा कस रहे हैं,
उनके हिस्से का माल भी हड़प रहे हैं।
जहां पैसे की बात हो!
वहां अधिक मूल्य देकर खरीद रहे हैं।
बेचारे गरीब देश!
मुंह ताकते रह जा रहे हैं,
वहां के लोग-सरकार भरोसे नहीं!
भगवान भरोसे जी रहे हैं ।
ताज़ा उदाहरण कोरोना वैक्सीन को लेकर दिख रहे हैं,
अमीर गरीब विच हम पिस रहे हैं।
अमीर देशों में टीका खरीदने की होड़ है,
पहले मैं पहले मैं की शोर है।
दो अरब से ज्यादा वैक्सीन बुक किए जा चुके हैं,
मूल्य अग्रिम भी चुका दिए गए हैं।
ब्रिटेन प्रति नागरिक पांच टीके खरीद रहा है,
बाकी देश ‘गावी’ (ग्लोबल वैक्सीन इनिशिएटिव) का मुंह देख रहा है।
उसने भी आधे देशों को मुफ्त ,
तो आधे को पैसे लेकर देने की बात कही है,
अपने देश में भी कोरोना की रफ्तार-
तेजी से बढ़ रही है,
संक्रमितों की संख्या 32 लाख हो गई है;
58 हजार से अधिक की मृत्यु भी हो गई है।
सरकार दावे तो बहुत कर रही है,
लेकिन धरातल पर सिफर ही है।
बिहार में है चुनाव ,
केवल सगुफा दिखे सुबह शाम ।
चैनलों पर सुशांत की है शोर,
सरकारों का ध्यान है कहीं और।
चीन पाकिस्तान दाऊद फिर से उभरने लगे,
सरहदों पर तनाव फिर से बढ़ने लगे।
चुनाव बाद सब थम जाएगा,
अगले चुनाव में फिर आएगा।
ये ही मुद्दे स्थायी है,
बाकी ई कोरोना ओरोना आयी जायीं हैं।
तब तक कोरोना 50 लाख पहुंच जाएगा,
पता नहीं कहां जाकर रूकेगा?
हमारे नेताओं को इसकी चिंता नहीं,
वो तो खरीद रहे अपने लिए जहाजें नई-नई।
कोरोना से निपटने की प्लानिंग कौन करे?
किसको कहां कब कैसे मिलेगा?
फुर्रसत कहां है चुनाव से,
कि इस पर गौर करें!
सरकार को कोई खतरा भी नहीं है,
विकल्प ही नहीं है।
जनता भी दिग्भ्रमित है,
मारी गई उसकी मत है;
बिना मास्क अपने दिनचर्या में व्यस्त है।
संक्रमित होने पर देखा जाएगा!
इसी तर्ज पर सब चल रहा है।
आदमी भीतर से उबल रहा है,
पर बोल कोई कुछ नहीं रहा है
शायद भयभीत हो गया है,
डर गया होगा?
कहीं पाकिस्तान न भेज दिया जाए?
बोलने की कुछ ऐसी सजा दी जाए।
बेहतर है!
सह कर , मौन रहकर ही सब झेल लिया जाए,
कोरोना को ही कोरोना की नजर लग जाए।
वैक्सीन आए न आए !
हमारी जान किसी तरह बच जाए!!

 

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नवाब मंजूर

लेखक-मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

 

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