आरजू
आरजू

आरजू

( Aarzoo )

एक आरजू एक तमन्ना
एक    मेरी    अभिलाषा
अटल रहूं सीमा पर डटकर
रख रण कौशल की भाषा

 

जोश जज्बा रग-रग में
हौसला  है  भरपूर मेरा
तिरंगा की आन बान में
मां भारती सम्मान तेरा

 

अरि दल से लोहा लेने को
भीड़   जाते   तूफानों   से
तपन धरा की ओज भरती
दिल्ली   के   फरमानों   से

 

मातृभूमि पर शीश चढ़ाते
वंदन   उन   महावीरोंं   को
वतन परस्ती जोश दिलों में
उन  जोशीले  रणधीरों  को

?

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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