नशा मुक्त हो देश हमारा
नशा मुक्त हो देश हमारा

नशा मुक्त हो देश हमारा

( Nasha mukt ho desh hamara )

 

सुन मेरे भाई अब समझ ले बेहतर समझ ले,
नशा नाश की जड़ है
नशा से तन होता खराब मन होता खराब|
नशा से जब खराब होगा तेराजिंदगी तो जिंदगीका बोझ उठाने के लिए दर-दर भटकेगा,
कोई नहीं देगा तेरा साथ अकेले हो जाएगा इस जहां में|
नशा में पड़ कर तू घर बेचेगा जमीन बेचेगा आखिर में घर का थाली तक बेच देगा,
नशा से तुम्हारा परिवार बिखर जाएगा|
नशा से तुम्हारा जिंदगी अंधकारमय हो जाएगा,
अपने आप को जिंदगी के अंधेरों में आखिर में खोजते रह जाओगे|
तुम्हारे साथ तुम्हारे दोस्त सब आगे बढ़ जाएंगे,
नशा में पड़कर अपना जीवन बर्बाद कर डालोगे|
ऐ इंसान अपने परिवार लिए जी नशा छोड़ दे अभी के अभी,
तू नशा छोड़ेगा तेरा परिवार तुमको फिर मिल जाएगा|
मान मेरा कहना नहीं तो पछतायेगा,
सोना जैसे शरीर मिट्टी सामान बन जाएगा|
आओ सब मिलकर हम कोशिश करें,
हमारे आने वाली पीढ़ी कुछ कर सके|
तो हम सब हम सब मिलकर यह संकल्प लें,
नशा मुक्त भारत हमारा देश बने|
हमारी सभ्यता हमारी संस्कृति से नशा का नामोनिशान मिट जाए,
हमारे राष्ट्र का कोई भी परिवार नशा से बर्बाद ना हो हमेशा आबाद रहे|
हम सब संकल्प लें ना खुद नशा करेंगे मैं दूसरों को करने देंगे|
नशा भारत छोड़ेगा हमारा परिवार टूटने से बचेगा|

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लेखक– बिसे लाल ( सहायक शिक्षक )
शासकीय प्राथमिक शाला मेंड्रा
विकासखंड खड़गवां
जिला कोरिया (छ.ग.

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