Friendship poem in Hindi

मित्रता ( दोस्ती ) : Mitrata Par Dohe

मित्रता ( दोस्ती )

उसको मित्र बनाइए ,जो ना छोड़े साथ।
विपदा जब कोई पड़े, हर पल देता साथ।।

स्वार्थ कोई हो नहीं, सच्चा मित्र कहाय ।
विपदा में संग संग रहे, राह नई दिखलाय ।।

सखा सुदामा कृष्ण की, जग में बड़ी मिसाल ।
मित्र धर्म की पालना, करी बिहारी लाल।।

करो उसी से मित्रता ,समझे मन उद्गार।
पावन रिश्ता प्रेम का, दिल में बसता प्यार।।

दोषमुक्त कर दे हमें, देकर सच्चा ज्ञान।
ज्ञानी साथी कर सके, हर दुविधा आसान।।

कवि : संत कुमार सारथि

नवलगढ़

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • योग पर रचित दोहे

    योग पर रचित दोहे मन लगाकर योग करें,जीने की है कला।मजहब से ऊपर योग,होगा सबका भला। सूरज को करना नमन,ये योगों का सार।तनाव मुक्त होंगे सब,मिला हमें उपहार।। मिट जाएगी थकावट,मिलता है आराम।दुनिया की पहचान है,बने योग से काम।। वजन घटाए आपका,रोज करेंगे योग।संकल्प सबको लेना,मेरा यह अनुरोध।। करे योग – रहे निरोग,सेहत का है…

  • ‘रजनी’ के दोहे | Rajni ke Dohe

    पहले जैसे अब नहीं पहले जैसे अब नहीं, घर चौबारा गेह!गली गाँव बातें कहाँ, मुस्काता वह नेह? नयन टुकटुकी बाँध कर, पथ को रहे निहार!वह रिमझिम बारिश कहाँ, गया कहाँ वह प्यार? दीपों की टिमटिम मदिर, मलिन वदन का फूल!भँवरों का गुंजन नहीं, कहाँ सरित का कूल? चित्र उकेरे भित्ति पर, याद करूँ हर बैन।बरगद…

  • सुशीला जोशी के दोहे | Sushila Joshi ke Dohe

    सुशीला जोशी के दोहे ( Sushila Joshi ke Dohe ) मेरा भारत देश सूरज की पहली किरण,गति ऊषा सन्देश । अंगड़ाई ले जगता,मेरा सुंदर देश ।। 1।। झरनों में जीवन बसा,नदियों में आदेश । प्रगति राह पर दौड़ता, देखो भारत देश ।। 2।। सुमन शूल का साथ ले, धर जोगी का वेश । सूर्य उजाला…

  • हिन्दी दिवस पर पाँच दोहे | Hindi Diwas Par 5 Dohe

    हिन्दी दिवस पर पाँच दोहे ( Hindi Diwas Par 5 Dohe ) हिन्दी मिश्री की डली, सरगम की झंकार।हिन्दी तो मनमोहिनी, अनुरागी संसार।। हिन्दी भाषा में सभी, कला ज्ञान-विज्ञान।सबसे पहले हम करें, इस भाषा का मान।। देवनागरी लिपि अथक, अनुपम अनश अनन्य।हिन्दी के उपकार से, कौन नहीं है धन्य।। दिशा-दिशा में हो रहा, हिन्दी का…

  • आज के हालात पर कुछ दोहे | R K Rastogi Ke Dohe

    आज के हालात पर कुछ दोहे ( Aaj ke halat par kuch dohe )    भरोसा मत ना कीजिए,कुल की समझो लाज। पैंतीस टुकड़ों में कटा,श्रद्धा का बटा विश्वास।। भरोसा किसी पर न करे,सब पर आंखे मीच। स्वर्ण मृग के भेष में,आ सकता है मारीच।।   मां बाप के हृदय से,गर निकलेगी आह। कभी सफल…

  • राम के दोहे | Ram ke Dohe

    राम के दोहे  ( Ram ke Dohe )    घट-घट में रावण बसे, करे राम का जाप ! द्वेष भाव मन से मिटा, राम मिलेंगे आप !!   राम जगत के देव है, देते सबको नाम ! मूरख प्राणी है चला, देने उनको धाम !!   राम नाम की लहर में, तरते दुर्जन आम !…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *