कवि और कुत्ता

कवि और कुत्ता

कवि और कुत्ता मैं कवि हूॅं,आधुनिक कवि हूॅं।शब्दों का सरदार हूॅं,बेइमानों में ईमानदार हूॅं । नेताओं का बखान करता हूॅं,सरकार का गुणगान करता हूॅं,योजनाओं की प्रशंसा करता हूॅं,फायदे का धंधा करता हूॅं,डर महराज का हैपीले यमराज का है। मैं संयोजक हूॅंसपा, बसपा, भाजपा, कांग्रेस का,मुझे महारत है रंग बदलने का,किसी मौसम, किसी परिवेश का,उधार में…

Aachary bhikshu

266वां भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस

266वां भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस भिक्षु स्वामी का नाम स्मरण कर जीवन सफल बनायें ।मानव जीवन को धर्म कर सफल बनाये ।हमको आज हो मिला हैं फिर न मिलेगा ।बगिया में सुरभित यह फूल महान हैं ।जो खिला – खिला हैं फिर न खिलेगा ।भिक्षु स्वामी का नाम स्मरण कर जीवन सफल बनायें ।हीरों – सा…

सबसे बड़ा रुपैया

सबसे बड़ा रुपैया

आज राजू सर स्कूल नहीं आए थे। उनकी जगह मैं कक्षा एक को पढ़ाने में इतना व्यस्त हो गया था कि समय का पता ही नहीं चला। अचानक एक बच्चा आकर बोला, “सर इंटरवेल कब होगा?? मिड डे मील बन चुका है??” मैंने घड़ी देखी। समय हो चुका था। मैं प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के…

नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) षष्ठ दिवस

नवरात्रि पर्व ( चैत्र ) नवम दिवस

नवरात्रि पर्व ( चैत्र ) नवम दिवस भुवाल माता सबकी आँखों के तारे ।जन – जन की प्यारी भुवाल माता ।आस्था की आधार भुवाल माता ।सबके ह्रदय में करती वास माता ।सचमुच माता का दर्शन क्रान्त हैं ।चिन्तन माता का निभ्रान्त हैं ।सबके सपनों की आकार माता ।आस्था पर ज्योति उभारती माता।सत्य – शोध में…

नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) सप्तम दिवस

नवरात्रि पर्व (चैत्र ) अष्टम दिवस

नवरात्रि पर्व (चैत्र ) अष्टम दिवस सत्य समता के तटों से उन्मुक्त धारा बहे ।भुवाल – माता को नमन हमारा ।हम सबका सम्पूर्ण समर्पण हों ।आन्तर ह्रदय विनय अनुनय हों ।मलयाचल की मधुर हवाएं ।जिधर निहारें दाएं बाएं ।सांस- सांस सुरभित शोभित बन ।जीवन का कण – कण मधुमय हो ।कल्पवृक्ष यह कामदुधामा ।यह नवरात्रि…

आरम्भ चेरिटेबल फाउंडेशन भोपाल ने मनाया विश्व कविता दिवस: प्रतिभाशाली कवयित्रियों ने सजाया काव्य गोष्ठी का मंच

आरम्भ चेरिटेबल फाउंडेशन भोपाल ने मनाया विश्व कविता दिवस: प्रतिभाशाली कवयित्रियों ने सजाया काव्य गोष्ठी का मंच

विश्व कविता दिवस के अवसर पर शहर की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था “आरम्भ चेरिटेबल फाउंडेशन भोपाल” द्वारा साहित्यिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें प्रबुद्ध कवयित्रियों ने रचना पाठ किया lकाव्य गोष्ठी का आगाज करते हुए बिन्दु त्रिपाठी ने पढ़ा –शब्द शब्द मोती बन जाएँ, भाव समंदर से लहरायें,आँसू भी स्याही बन जाये,कविता बन कागज…

नारी की वेदनाएं

नारी की वेदनाएं

भारत को पुरुष प्रधान देश माना जाता है। प्राचीन काल से ही भारत में महिलाओं को दोयम दर्जे का माना जाता रहा है। उनके साथ हमेशा भेदभाव किया जाता है. महिलाओं के साथ हमेशा दुर्व्यवहार किया जाता है। यह पुरुष प्रधान संस्कृति के कारण हुआ है। इसके साथ ही, पारंपरिक पुरुष-प्रधान संस्कृति के प्रभाव में…

अविश्वासी

अविश्वासी

राजू बहुत कंजूस और लालची प्रवृत्ति का व्यक्ति था। वह किसी पर आसानी से विश्वास नहीं करता था। एक दिन बाइक से घर जाते समय उसका एक्सीडेंट हो गया। उसके सीधे पैर में फ्रैक्चर हो गया। डॉक्टर ने उसकी हड्डी जोड़कर, प्लास्टर करके आराम करने की सलाह दी। दो दिन अस्पताल में रहने के बाद…

Navratri festival (Chaitra) ninth day

नवरात्रि पर्व ( चैत्र ) सप्तम दिवस

नवरात्रि पर्व ( चैत्र ) सप्तम दिवस हिल – मिल नवरात्रि पर्व का उत्सव मनाएं ।भुवाल – माता के सब मिल मंगल गीत गाएं।श्रद्धा और समर्पण का ले संबल चरण बढ़ायें।भुवाल माता के स्मरण से अध्यात्म दीप जलायें ।सागर में लहरें ज्यों अहं भावना का विलय करें ।आत्म – पक्ष के सही लक्ष्य को अपनायें…

कृष्ण कुमार निर्माण की कविताएं | Krishan Kumar Nirman Poetry

कृष्ण कुमार निर्माण की कविताएं | Krishan Kumar Nirman Poetry

बस,अब और नहीं बस,अब और नहीं,,तुम छिप जाओ,जाकर कहीं…बादलों की ओट में,,,क्योंकि….मुझसे सहन नहीं होताये व्यवहार तुम्हाराऔर तुम हो कि…प्यार के नाम परमुखौटे पर मुखौटे लगाकरप्रतिपल छल रहे हो मुझेऔर…साबित कर रहे होकि… तुम बेवफा होआखिर क्यों कर रहे हो तुम ऐसा…जाओ,छिप जाओकहीं बादलों की ओट में… उल्लू के पठ्ठे जी हाँ,,सबके पठ्ठे होते हैंजैसे…