कवि और कुत्ता
कवि और कुत्ता मैं कवि हूॅं,आधुनिक कवि हूॅं।शब्दों का सरदार हूॅं,बेइमानों में ईमानदार हूॅं । नेताओं का बखान करता हूॅं,सरकार का गुणगान करता हूॅं,योजनाओं की प्रशंसा करता हूॅं,फायदे का धंधा करता हूॅं,डर महराज का हैपीले यमराज का है। मैं संयोजक हूॅंसपा, बसपा, भाजपा, कांग्रेस का,मुझे महारत है रंग बदलने का,किसी मौसम, किसी परिवेश का,उधार में…