आधुनिक द्वंद्व

आधुनिक द्वंद्व प्रभु सुमिरन के पथ पर, पाओ सच्ची राह,सत्य, करुणा, प्रेम ही, जीवन का उन्नाह। फूलों की महक में छुपा, है प्रभु का आभास,जीवन की हर साँस में, बसा प्रेम-विलास। नदी बहती निर्बाध सी, सिखलाए ये बात,कठिनाई चाहे जितनी, रखना सहज प्रवाह। भारतीय संस्कृति में, गूँज रहा संसार,रीति-रिवाज और कला, अनमोल उपहार। नृत्य में … Continue reading आधुनिक द्वंद्व