शिक्षा – स्मृति नहीं, संप्रेषणीय बौद्धिकता का उपहार

शिक्षा का अर्थ युगों से खोजा जाता रहा है। कोई उसे विद्या का संग्रह कहता है, कोई उसे जीवन का मार्गदर्शन। परंतु वास्तव में शिक्षा न तो सूचनाओं का पुलिंदा है, न ही परीक्षाओं की सीढ़ी। शिक्षा वह अदृश्य ऊर्जा है, जो मनुष्य के भीतर विचारों की तरंगें उत्पन्न करती है, जो उसे स्वयंसंधानी बनाती … Continue reading शिक्षा – स्मृति नहीं, संप्रेषणीय बौद्धिकता का उपहार