आनंदा आसवले की कविताएं | Ananad Asawle Poetry

बढ़ना सीखो लिखते लिखते चलना सीखो,चलते चलते बढ़ना सीखो।रुकना मत तूम राहों में अब,हर मुश्किल से लड़ना सीखो।।धृ।। काग़ज़ पे उतरे ख्वाब जो तेरे,उन्हें हकीकत बनाना सीखो।हर गिरने को सीढ़ी समझकर,मंज़िल तक जाना सीखो।।१।। लिखते लिखते चलना सीखो,चलते चलते बढ़ना सीखो….. थोड़ा दर्द, थोड़ा सुख होगा,हर रंग में जीना सीखो।आंधी आए या हो तूफ़ाँ,जैसे दीपक, … Continue reading आनंदा आसवले की कविताएं | Ananad Asawle Poetry