भावना ( Bhavna ) भावनाएं ही मूल हैं जीवन की सार्थकता मे आपसी संबंधों का जुड़ाव लगाव,प्रेम,द्वेष ,ईर्ष्या,नफरत सभिक्रियाओं का उधमस्थल भावनाएं ही तो हैं …. भावना की मधुरता मे जहां रिश्ते फलते फूलते और पल्लवित होते हैं, वहीं मारी हुई भावनाएं इंसान को दानावपन की और अग्रसित करती हैं….. भावनाएं बंधन भी हैं … Continue reading भावना | Bhavna
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