Category: पुस्तक समीक्षा
पुस्तक समीक्षा: “बोल म्हारी माटी”
पुस्तक समीक्षा: “बोल म्हारी माटी”लेखक: डॉ. सत्यवान सौरभप्रकाशक: आर.के. फीचर्स, प्रज्ञानशाला, भिवानीमूल्य: ₹260/-पृष्ठ संख्या: 120ISBN: 978-7-1862-8282-6भाषा: हरियाणवी (देवनागरी लिपि)विधा: काव्य-संग्रह | लोक साहित्य | समकालीन सामाजिक कवितासमीक्षक: वेदप्रकाश भारत माटी री बोली में घुली कविता री आत्मा हरियाणा रा नाम आवै तो मन मैं दूध-दही, खेत-खलियाण, पहलवान, चौपाल, बागड़ी-जेबड़ी बोली अर सादगी भर्यी जिन्दगी सै।…
पूर्णमदः के फ्लैप पर
प्रेम की न कोई भाषा होती है,न परिभाषा,न सीमाएँ उसे सीमित करती हैं , न दूरियाँ उसे ओझल करती है, वह दूरी जीवन और मृत्यु भी क्यों न हो! “पूर्णमिदम् ” के बाद सरोज कौशिक का यह उपन्यास ” पूर्णमदः”; अलग-अलग होते हुए भी ये दोंनो उपन्यास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।वह अध्यात्म के आलोक…
“चूल्हे से चाँद तक” — चूल्हे की आँच से चाँद की कविता तक की यात्रा
पुस्तक समीक्षा प्रियंका सौरभ का यह काव्य संग्रह ‘चूल्हे से चाँद तक’ केवल कविता नहीं, स्त्री आत्मा की यात्रा है। यह वह आवाज़ है, जिसे सदियों से दबाया गया, पर वह फिर भी जलती रही – रोटियों के साथ, परातों के बीच, और आँसुओं में घुली स्याही के माध्यम से। इस संग्रह की कविताएं परंपरा…
एक अधूरी कहानी का दस्तावेज: ‘राज सर आईपीएस’
प्रेम की सबसे सच्ची परीक्षा तब होती है जब वह समय, समाज और सत्ता की सख्त दीवारों से टकराता है। ‘राज सर आईपीएस’ केवल एक प्रेम कथा नहीं, बल्कि एक उच्च शिक्षित, भावुक और समर्पित युगल की ऐसी आत्मकथा है, जिसमें प्रेम के बीज अंकुरित होते हैं, पनपते हैं, एक पवित्र रिश्ते में बदलते हैं…
“मौन की मुस्कान” – चुप्पियों के शब्दों में गूंजती स्त्री की आत्मा
“मौन की मुस्कान” केवल कविताओं का संग्रह नहीं, एक स्त्री की आत्मा से निकली आवाज़ है। प्रियंका सौरभ की रचनाएँ जीवन, प्रेम, संघर्ष, और सामाजिक अन्याय को गहरे संवेदनात्मक और वैचारिक धरातल पर उठाती हैं। हर कविता मौन को भाषा और चुप्पी को प्रतिरोध में बदलती है। चाहे वह सरकारी स्कूलों की आवाज़ हो या…
‘संवेदनाओं के साक्ष्य’ काव्य संग्रह की समीक्षा
जीवन के विभिन्न पहलुओं और सामाजिक रिश्तों के दायरों में बंधी कवयित्री कल्पना भार्गव ‘देशना’ की काव्य कृति ‘संवेदनाओं के साक्ष्य’ मन के आंतरिक भावों में समाहित कृति है। उनकी प्रत्येक रचना की पंक्तियों में सामाजिक चेतना, देश के प्रति प्रेम, समर्पण एवं अध्यात्म, भारतीय संस्कृति से जुड़े तीज-त्यौहारों के दर्शन स्पष्ट दिखलाई देते है।…
युग द्रष्टा अटल – काव्य संग्रह
संपादक – डॉ जसप्रीत कौर फ़लक ,लुधियाना पंजाब समीक्षक- डॉ गुलाब चंद पटेल गांधी नगर गुजरात अटल जी एक उच्च कोटी के कवि थेऔर मूल्य आधारित विचार धारा से चलनेवाले सिद्धांतवादी नेता के साथ संवेदनशील राज नेता थे । इनके लिए डॉ जसप्रीत कौर फ़लक का यह काव्य संग्रह अटल जी के व्यक्तित्व को उजागर…
बालमन का सुन्दर विश्लेषण करती है बाल-प्रज्ञान
सन् 1989 में हरियाणा में जन्मे डॉ. सत्यवान सौरभ बालसाहित्य के एक सुपरिचित हस्ताक्षर हैं। साहित्यकार, पत्रकार और अनुवादक डॉ. सत्यवान सौरभ ने बच्चों के साथ ही बड़ों के लिए भी विपुल साहित्य सर्जन किया है। बाल कविता की पुस्तकों के साथ ही प्रौढ़ साहित्य में दोहा, कथा, कविता, अनुवाद, रूपान्तर, सम्पादन की कई कृतियों…
बाल प्रज्ञान : बालमन का सुन्दर विश्लेषण
सन् 1989 में हरियाणा में जन्मे डॉ. सत्यवान सौरभ बालसाहित्य के एक सुपरिचित हस्ताक्षर हैं। साहित्यकार, पत्रकार और अनुवादक डॉ. सत्यवान सौरभ ने बच्चों के साथ ही बड़ों के लिए भी विपुल साहित्य सर्जन किया है। बाल कविता की पुस्तकों के साथ ही प्रौढ़ साहित्य में दोहा, कथा, कविता, अनुवाद, रूपान्तर, सम्पादन की कई कृतियों…
माय साइलेंट लव : प्रेम बजाज की अद्वितीय रचना
प्रस्तुत उपन्यास ‘माय साइलेंट लव’ (जस्ट फाॅर यू) लेखिका प्रेम बजाज का पहला उपन्यास है किन्तु पढ़ने के बाद किसी भी पहलू से पहला नहीं लगता। अपने सालों के अनुभवों का निचोड़ सुंदर शब्दों में पिरोकर कहानी का गुंफन किया है। इस उपन्यास के मुख्य किरदार को वास्तविक जीवन में उपेक्षित व्यक्ति को मद्देनजर रखकर…