दिल फ़रेब इस हंसी का क्या कहना
दिल फ़रेब इस हंसी का क्या कहना दिल फ़रेब इस हंसी का क्या कहना।आपकी दिलकशी का क्या कहना। आपके मरमरी से क़ालिब पर।चांद की चांदनी का क्या कहना। दिल परेशान हैं गुलाबों के।आपकी नाज़ुकी का क्या कहना। लूट लेती है आन में दिल को।ह़ुस्न की कजरवी का क्या कहना। इस पे क़ुर्बान सीमो-ज़र सारे।प्यार की … Continue reading दिल फ़रेब इस हंसी का क्या कहना
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