एक बूढ़ा और बच्चा – “हाथों का सहारा”

भाग एक – गांव के छोर पर स्थित एक पुराना घर, जहां बूढ़े दादा जी अपने प्यारे पोते के साथ रहते थे। उम्र के प्रभाव से दादा जी की याददाश्त कमजोर हो चुकी थी और शरीर भी थकान से झुकने लगा था। कभी खाना गिरा देते, तो कभी हाथ कांपते हुए पानी छलका देते। इन … Continue reading एक बूढ़ा और बच्चा – “हाथों का सहारा”