एक रंग मेरा भी

एक रंग मेरा भी हवााओं में गुलाल एंव अबीर की खुशबु थी lसर पर भी होली की मस्ती खुमारथी ll सड़कों के उत्साह में हरा और केसरी कहाँ था lलगता है , यह भारत का नया दौर था ll महीनों से हो रही थी , होली की तैयारी lहर घर की चर्चा थी , अब … Continue reading एक रंग मेरा भी