Hindi poem on time| व़क्त तन्हा यहां मेरा कटता नहीं

व़क्त तन्हा यहां मेरा कटता नहीं ( Waqt tanha yahan mera katata nahin )   व़क्त तन्हा यहां मेरा कटता नहीं! जिंदगी में हंसी कोई लम्हा नहीं   सिलसिला फ़िर न होता मनाने का ही वो  अगर  मुझसे  नाराज़  होता नहीं   टूट गया है जुड़ने से पहले ही रिश्ता जुड़ा  कोई  उससे  मेरा  रिश्ता … Continue reading Hindi poem on time| व़क्त तन्हा यहां मेरा कटता नहीं