हमने तो सारे दाँव जवानी पे रख दिये

हमने तो सारे दाँव जवानी पे रख दिये राजा पे रख दिए न तो रानी पे रख दियेहमने तो सारे दाँव जवानी पे रख दिये सागर, शराब, जाम कसौटी पे रख दियेउसने हिज़ाब जब मेरी मर्ज़ी पे रख दिये मय-ख़्वार जब शराब से तौबा न कर सकाइल्ज़ाम मयकशी के उदासी पे रख दिये सादा मिज़ाजी … Continue reading हमने तो सारे दाँव जवानी पे रख दिये