हे महामना शत शत प्रणाम नैतिकता काशोध शुद्धमर्म सुगंधपुष्प प्रावाह सामालवा महिमा कीपरिभाषाक्रांति शान्ति कादेवदूत ।। युग कालचेतना का प्रहरीईश ईश्वरअविनासी का सत्यसाक्ष्य सरस्वती साधकब्रह्मसत्य का पर्याय।। भारत भूमि काशौर्य पराक्रमनिराश जन मनकि हुंकारयुवा ओजसंरक्षक वचन कर्मधर्म का सनातन ।। कानून विदपत्रकार कर्मजन्म मर्मभारत माता काआँचल काशी और प्रयागगौरव गरिमा कामहामना प्रेरक पुरुषार्थ।। जन मन … Continue reading हे महामना शत शत प्रणाम
Copy and paste this URL into your WordPress site to embed
Copy and paste this code into your site to embed