वो हिमालय बन बैठे | Hindi mein poem

वो हिमालय बन बैठे ( Wo himalaya ban baithe )     वो गुणी विद्वान हुये सब व्यस्त हो गए। हम बालक नादान थे बड़े मस्त हो गए।   बड़ी ऊंची चीज वो उड़ते आसमानों में। हम मुकाबला करते आंधी तूफानों से।   सात पीढ़ियों का जुगाड़ वो करते चले गए। प्यार के मोती से … Continue reading वो हिमालय बन बैठे | Hindi mein poem