छोड़ दे ऐब को

छोड़ दे ऐब को छोड़ दे ऐब को, तख़सीस ,दुआ तू रख लेअपने असलाफ़ के अख़लाक़ की तू बू रख ले तू सलीके से पहुँच जाए बुलंदी पे भीख़ार दे गुल के मुझे और तू ख़ुशबू रख ले है फ़रेबी ये जहाँ लोग तमाशाई भीमत बिफर नादां तू गुस्से पे भी काबू रख ले मिल … Continue reading छोड़ दे ऐब को