आखिरी रास्ता

अनपढ़ रामू मजदूरी करता था। एक दिन प्रात 8:00 बजे जैसे ही वह काम पर पहुँचा, तो उसके मजदूर साथी सौरभ ने उससे कहा- “रामू भैया, तुम आज काम पर क्यों आए हो? तुम्हारे घर तो मेहमान आए हुए हैं। तुम्हें तो आज उनके साथ होना चाहिए था। एक दिन काम पर ना आते तो … Continue reading आखिरी रास्ता