सफर | Kavita Safar

सफर ( Safar )   हंसाती भी है रुलाती भी है जिंदगी न जाने कितने मोड पर लाती है जिंदगी कटते जाता है सफर दिन रात की तरह मौसम के जैसे बदलती जाती है जिंदगी मिलते हैं अपने भी और पराये भी यहाँ सभी के साथ ही गुजरती जाती है जिंदगी बहते रहना है हमें … Continue reading सफर | Kavita Safar