कायनात के संकेत और मेरा विश्वास
सुनो दिकु, तुमसे कोई बात नहीं हुई, न कोई खबर आई है, न ही किसी ने कुछ बताया, पर फिर भी मेरे दिल के किसी कोने में एक अजीब-सा यकीन घर कर गया है कि तुम लौटने वाली हो। मुझे लगता है, जैसे कायनात मुझे संकेत दे रही है, जैसे हर तरफ से मुझे यह … Continue reading कायनात के संकेत और मेरा विश्वास
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