डॉ. बीना सिंह “रागी” की कविताएं | Dr. Beena Singh Raggi Poetry
विनम्र श्रद्धांजलि मधुर सपने लेकर पहलगाम आए सैलानीबुन रहे थे सपनों की चादर गढ़ रहे थे अपनी प्रेम कहानीहिम मंडित पर्वत के छांव पहलगाम मेरा प्यारामोहब्बत करने वालों को लगा यह सदा ही न्यारापर यह कया धमाकों से थर्राई कश्मीर की धरागूंज उठी चीख़ यह तो लाल है मेरा है हरापल भर में सुहाने सपने … Continue reading डॉ. बीना सिंह “रागी” की कविताएं | Dr. Beena Singh Raggi Poetry
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