नजर फेर कर चले कहां | Nazar pher kar chale kahan
नजर फेर कर चले कहां ( Nazar pher kar chale kahan ) महक रही मस्त हवाये चमन खिले हम मिले जहां ओ मनमौजी छोड़ हमें नजर फेरकर चले कहां याद करो पल सुहाने मनमीत मिले तो चैन मिले इक दूजे के नयन दमकते नैन मिले तो रैन खिले दिल की हसरतें ख्वाब … Continue reading नजर फेर कर चले कहां | Nazar pher kar chale kahan
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