न्याय की पुकार

न्याय की पुकार उपेक्षित को आज तक न्याय नहीं मिला,अपेक्षित को आज तक न्याय नहीं मिला। सालों से होते ज़ुल्मो सितम ग़रीबों से,ग़रीब को आज तक न्याय नहीं मिला। सुनते नहीं पुकार कानों में ठोंसा कपास,शोषित को आज तक न्याय नहीं मिला। बहिन बेटियों से होते बलात्कार सरे आम,अछूत को आज तक न्याय नहीं मिला। … Continue reading न्याय की पुकार