रक्खा गया ( Rakkha Gaya ) इश्क़ का इक सिलसिला रक्खा गयाज़ख़्म दे उसको हरा रक्खा गया साज़िशों से वास्ता रक्खा गयाअपना केवल फ़ायदा रक्खा गया कौन पहचानेगा तुमको फिर यहाँजब न तुमसे राब्ता रक्खा गया फिर किसी घर में न हों दुश्वारियाँदूर घर से मयकदा रक्खा गया वो बहुत मग़रूर हम मजबूर थेदर्मियाँ इक … Continue reading रक्खा गया | Rakkha Gaya
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