राम के ही जाप से

राम के ही जाप से है अवध बलिहारी, पधारे है धनुर्धारी,दूर है अब अयोध्या, वियोग के शाप से, राम हैं पधारे जब, धन्य हुआ जग सब,गूँज उठा जयकारा, नगाड़े के थाप से, मान और नाम मिला, फूल सा जीवन खिला,भाग्य मेरे खुल गए, राम के ही जाप से। कर जोर भजूं राम, पावन तुम्हारा नाम,करना … Continue reading राम के ही जाप से