रोजगार | Rojgar chhand

रोजगार ( Rojgar ) मनहरण घनाक्षरी छंद   रोजगार नौकरी हो, कारोबार कारीगरी।। कौशल कलायें कई, काज शुभ कीजिए।।   नौकरी या व्यवसाय, रोजगार काज करो। परिवार फले फूले, ऐसा काम कीजिए।।   हर हाथ काम मिले, यश कीर्ति नाम मिले। दुनिया में काम वही, बढ़चढ़ कीजिए।।   काम कोई छोटा नहीं, कर्मठ को टोटा … Continue reading रोजगार | Rojgar chhand