न्याय के देवता शनिदेव की जयंती: कर्म, काल और कैवल्य का दार्शनिक दृष्टिकोण

भारतीय मनीषियों ने शनिदेव को केवल एक खगोलीय ग्रह या पौराणिक देवता के रूप में नहीं, बल्कि एक विराट दार्शनिक अवधारणा के प्रतीक रूप में देखा है। ज्येष्ठ अमावस्या को मनाई जाने वाली उनकी जयंती मात्र धार्मिक पूजन का अवसर नहीं, अपितु कर्म, काल और कैवल्य जैसे गहन तत्वों पर आत्ममंथन का पावन क्षण है। … Continue reading न्याय के देवता शनिदेव की जयंती: कर्म, काल और कैवल्य का दार्शनिक दृष्टिकोण