Tag: उस हंसी के जैसा देखा चांद है

  • उस हंसी के जैसा देखा चांद है

    उस हंसी के जैसा देखा चांद है     उस हंसी के जैसा देखा चांद है! वो फ़लक पे आज निकला चाँद है   रोशनी है इसलिए मेरी गली हाँ इधर से दोस्त गुजरा चाँद है   क्यों न दीवाना बने उसका दिल ये हू ब हू वो चेहरा लगता चाँद है   इसलिए दीदार…