Tag: यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है

  • यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है

    यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है     यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है ख़ुशी का कब यहां आलम रहा है   वफ़ा के नाम पत्थर मारे उसनें निगाहें करता मेरी नम रहा है   ख़ुशी का होता फ़िर अहसास कैसे ग़मों का सिलसिला कब कम रहा है   खिलेंगे गुल मुहब्बत के…