Tag: Annapurna ho tum ghar ki kavita

  • अन्नपूर्णा हो तुम घर की | Kavita

    अन्नपूर्णा हो तुम घर की ( Annapurna ho tum ghar ki )   संस्कार संजोकर घर में खूब ख्याल रखे घर का अन्नपूर्णा हो तुम घर की घर लगता तुमसे स्वर्ग सा   मधुर विचारों से सुसज्जित महके घर का कोना कोना नारी कर कमलों से ही प्यारा लगे घर सलोना   स्वच्छ धुले हाथों…