Tag: Baras baras megh raja
Kavita | बरस बरस मेघ राजा
बरस बरस मेघ राजा ( Baras baras megh raja ) मेघ राजा बेगो आजा, बरस झड़ी लगा जा। सावन सुहानो आयो, हरियाली छाई रे। अंबर बदरा छाये, उमड़ घुमड़ आये। झूल रही गोरी झूला, बागा मस्ती छाई रे। रिमझिम रिमझिम, टिप टिप रिमझिम। बिरखा फुहार प्यारी, तन मन भाई रे। ठंडी…