Tag: Bharat Ka Gaurav Kavita
Hindi Kavita -भारत का गौरव
भारत का गौरव ( Bharat Ka Gaurav ) राम तेरे आर्याव्रत अब, शस्त्र नही ना शास्त्र दिखे। धर्म सनातन विघटित होकर,मात्र अंहिसा जाप करे। शस्त्रों की पूजा करते पर, शस्त्र उठाना भूल गए, रणचंडी का वैभव भूले, खड्ग खप्पर सब भूल गए। परशुराम का परशु अब तो, यदा कदा ही दिखता…