Tag: Jazbaat shayari in Hindi

  • मन के जज्बात | Jazbaat Shayari in Hindi

    मन के जज्बात ( Man ke Jazbaat )    वह बातों में अपनी कभी अपने मन के जज्बात नहीं बताता है, पर फिर भी मेरी चिंता मुझसे छुपा नहीं पाता है। वह कहता है बात ना करना मुझसे, पर बिना बात किए वह खुद भी नहीं रह पाता है। उससे बात ना हो तो परेशान…

  • जज़्बात | Jazbaat shayari

    जज़्बात ( Jazbaat )   राख हुये एहसासों को हवा न दो कहीं भड़क न जाये सुलगता शरारा कोई   दफन हो चाहे जिस्म कब्र में मगर सुना है भटकती रूहें कुछ ज्यादा जज्बाती हो जातीं हैं.. लेखिका :- Suneet Sood Grover अमृतसर ( पंजाब ) यह भी पढ़ें :- सोच चुप है | Soch shayari