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महल अपनी गाते हैं | Kavita
महल अपनी गाते हैं ( Mahal apni gate hain ) ऊंचे महलों के कंगूरे, आलीशान दमक वाले। रौब जमाते मिल जाते, चकाचौंध चमक वाले। मेहनतकश लोगों पर भारी, अकड़ दिखाते हैं। मोन रहती मजबूरी तब, महल अपनी गाते हैं। शानो शौकत ऊंचा रुतबा, ऊंचे महल अटारी। झोपड़ियों को आंख दिखाते, बन ऊंचे…