Tag: Kavita mein

  • कविता में डूबा रहता हूं | Kavita mein

    कविता में डूबा रहता हूं ( Kavita mein dooba rahta hoon )    कविता में डूबा रहता हूं। छंदों की भाषा कहता हूं। भावों का सागर यूं उमड़े। सरिता बनकर बहता हूं। नव सृजन स्वप्न बुनता हूं शब्दों के मोती चुनता हूं। मनमंदिर में दीप जलता। वीणा की झंकार सुनता हूं। सौम्य शब्द सुधारस घोले।…