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  • सजा मां दरबार निराला | Navratri ke bhakti geet

    सजा मां दरबार निराला ( Saja maan darabaar niraala )   सब के दुख हरने वाली, सजा मां दरबार निराला। रणचंडी खप्पर वाली, दुर्गा महाकाली ज्वाला।   सिंह सवार मात भवानी, तेरी लीला अपरंपार। तू है सृष्टि नियंता, तू ही मां जग की करतार।   त्रिशूल चक्र कर सोहे, गदा शंख अरू भाला। भक्तों की…