Tag: Paryavaran Sanrakshan

  • पर्यावरण संरक्षण | Paryavaran Sanrakshan

    पर्यावरण संरक्षण ( Paryavaran Sanrakshan )  एक ग़ज़ल पर्यावरण संरक्षण पर   ज़मी बहुत उदास है इसे हंसाइए ज़रा मिला के हाथ आईए शजर लगाइए ज़रा यह धूप रोशनी हवा घिरे हुए हैं गर्द में फिज़ा से धुंध और ग़र्द को हटाइए ज़रा। जहां में हो रही बहुत ही आब की कमी अभी बिला वज़ह…