Tag: Poem on baal mazdoori

  • बाल मजदूरी बचपन छीने | Baal mazdoori kavita

    बाल मजदूरी बचपन छीने ( Baal mazdoori bachpan cheene )     सीधे-साधे बच्चों का भगवान रखवाला होता है बालश्रम करवाते उनका निकले दीवाला होता है बच्चों का भविष्य उजाड़े उनको कैसे माफ करें कानून की नजरों में वो तो सलाखों वाला होता है   दुष्ट प्रवृत्ति होते हैं वो लोग जो बालश्रम करवाते भोले…