Tag: prem ki shayari in Hindi
ख़ुशबू है उसकी सांसों की | Prem wali shayari
ख़ुशबू है उसकी सांसों की ( Khushboo hai uski saanson ki ) ख़ुशबू है उसकी सांसों की जैसे हो ख़ुशबू फ़ूलों की ख्वाबों में आता नहीं वही रात भरी उसकी यादों की तीर चले दिल पे उल्फ़त के ऐसी अदा उसकी आँखों की साथ चला हूँ जिसके मैं तो यादें …
प्यार अब कहाँ ये नयी शाम है | Ghazal
प्यार अब कहाँ ये नयी शाम है ( Pyar ab kahan ye nayee shaam hai ) प्यार अब कहाँ ये नयी शाम है नफ़रतों की पुरानी अभी शाम है खो न जायें अंधेरो की गलियों में हम जल्दी चल यार घर हो रही शाम है याद फिर आ गया बिछड़ा साथी कोई…

ख्वाहिश | Prem wali shayari
ख्वाहिश ( Khwahish ) काश तुम मेरी सर्दियों की अदरक वाली चाय हो जाओ और मैं तुम्हारी सुबह का पहला अखबार हो जाऊँ काश तुम मेरी ओस की बूँदें हो जाओ और मैं तुम्हारी कोहरे की फुहार हो जाऊँ काश तुम मेरी सुर्ख़ रंग गुलाबी हो जाओ और मैं तुम्हारे ग़ुलाबों की बौछार…