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तिरलोकी को नाथ सांवरो | Rajasthani Bhasha Kavita
तिरलोकी को नाथ सांवरो ( Tirloki ko Nath Sanvaro) ( राजस्थानी भाषा ) तिरलोकी को नाथ सांवरो दौड़यो दौड़यो आवैगो संकट हर सी जण का सारा विपदा दूर भगावैगो नरसी मीरा सो भगत कठै करमा खीचड़ो ले आवै विष को प्यालो राणा भेज्यो अमरीत रस बण भा ज्यावै नानी बाई रो भात…