Tag: ravan poem in Hindi

  • दशानन क्यों नहीं मरता है | Dussehra Poem

    दशानन क्यों नहीं मरता है ( Dashanan kyon nahin marta hai )   घर-घर में मंथरा बैठी रावण घट घट बसता है महंगाई सुरसा सी हो गई आदमी अब सस्ता है   ना लक्ष्मण सा भाई हनुमान सा भक्त कहां मर्यादा पुरुषोत्तम फिर से आप आओ यहां   कलयुग में मर्यादा ढह गई मन में…