Tag: Shayari on Ummeed

  • उम्मीद फिर से दिल में जगा कर चले गये | Shayari on Ummeed

    उम्मीद फिर से दिल में जगा कर चले गये ( Ummeed phir se dil mein jaga kar chale gaye )   उम्मीद फिर से दिल में जगाकर चले गये चाहत का दिल में दरिया बहाकर चले गये लगता नहीं है दिल कहीं उनके बग़ैर अब तूफ़ान ज़िन्दगी में वो लाकर चले गये समझे नहीं थे…