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हर तमन्ना खाक होकर रह गई | Tamanna poem
हर तमन्ना खाक होकर रह गई ( Har tamanna khak hokar rah gai ) हर तमन्ना खाक होकर रह गई हसरतें सब राख हो कर रह गई भुला दिया हमको हमारे अपनों ने प्यारी यादें सारी दरिया में बह गई बन चले साथी सफर में अब कई प्यार की धारायें सब पीछे…