Tag: Tumhare santan sadaib sukhi rahe
तुम्हारे संतान सदैव सुखी रहें | Lambi Kavita
तुम्हारे संतान सदैव सुखी रहें ( Tumhare santan sadaib sukhi rahe ) सभ्यता और संस्कृति के समन्वित सड़क पर निकल पड़ा हूँ शोध के लिए झाड़ियों से छिल गयी है देह थक गये हैं पाँव कुछ पहाड़ों को पार कर सफर में ठहरी है आत्मा बोध के लिए बरगद के नीचे बैठा कोई बूढ़ा…