तुम्हारी तरह | Tumhari Tarah

तुम्हारी तरह ( Tumhari tarah )   यूं तो ,जी लेते हम भी बिंदास जिंदगी तुम्हारी तरह घर मे कम कुछ नही था किंतु,परिवार के साथ साथ कुछ बाहरी जिम्मेदारियां भी थी सिर्फ परिवार ही संसार नही होता हर किसी की मुलाकात हर घटना दुर्घटना हर संदेश समाचार अबतक ,कुछ न कुछ देते ही रहे … Continue reading तुम्हारी तरह | Tumhari Tarah